राजू : -- मास्टर जी ! कल आप क्यों नहीं आये थे ..??
" कल मेरी दोस्ती को बुखार था..,"
राजू : -- मास्टर जी ! किन्तु आपके दोस्त तो भेषज हैं..,
" वो चाँद देख रहा था..,"
राजू : -- मास्टर जी ! किन्तु ईद तो आज है..,
" कल वो क़तार में खड़ा था..,"
राजू : -- मास्टर जी ! क़तार में खड़े होने से चाँद दीखता है..,
" हाँ ! ऐसा उसके पड़ोसी कहते है..,"
राजू : -- मास्टर जी ! उस पड़ोसी के पड़ोसी क्या कहते हैं..,
" वो केवल लिखते है एवं साक्षात्कार के समय मौन रहते हैं..,"
राजू : -- मास्टर जी ! समझ गया मैं मिनिस्टर राजू हूँ मास्टर तो आप ही हैं.....
" कल मेरी दोस्ती को बुखार था..,"
राजू : -- मास्टर जी ! किन्तु आपके दोस्त तो भेषज हैं..,
" वो चाँद देख रहा था..,"
राजू : -- मास्टर जी ! किन्तु ईद तो आज है..,
" कल वो क़तार में खड़ा था..,"
राजू : -- मास्टर जी ! क़तार में खड़े होने से चाँद दीखता है..,
" हाँ ! ऐसा उसके पड़ोसी कहते है..,"
राजू : -- मास्टर जी ! उस पड़ोसी के पड़ोसी क्या कहते हैं..,
" वो केवल लिखते है एवं साक्षात्कार के समय मौन रहते हैं..,"
राजू : -- मास्टर जी ! समझ गया मैं मिनिस्टर राजू हूँ मास्टर तो आप ही हैं.....
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