सोमवार, 20 अगस्त 2012

----- मिनिस्टर राजू 23 -----

राजू : -- मास्टर जी ! कल आप क्यों नहीं आये थे ..??


           " कल मेरी दोस्ती को बुखार था..,"


राजू : -- मास्टर जी ! किन्तु आपके दोस्त तो भेषज हैं..,


           " वो चाँद देख रहा था..,"

राजू : -- मास्टर जी ! किन्तु ईद तो आज है..,


         " कल वो क़तार में खड़ा था..,"

राजू : -- मास्टर जी ! क़तार  में खड़े होने से चाँद दीखता है..,

           " हाँ ! ऐसा उसके पड़ोसी कहते है..,"

राजू : -- मास्टर जी ! उस पड़ोसी के पड़ोसी क्या कहते हैं..,

            " वो केवल लिखते है एवं साक्षात्कार के समय मौन रहते हैं..,"

राजू : -- मास्टर जी ! समझ गया मैं मिनिस्टर राजू हूँ मास्टर तो आप ही हैं.....
                

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