राजू : -- मास्टर जी ! आज मेरे माता-पिता के मध्य झगड़ा हो गया,
" तुम्हारी माता का क्या नाम है??"
राजू : -- मास्टर जी ! 'मृत्यु'
"तथा पिता का??"
राजू : -- आशाराम !! मास्टर जी ! दादा का भी नाम बताऊँ??
"नहीं उस यमराज का नाम पता है"
""एकमुश्त वफ़ा का मुश्ताक हूँ मेरी वफाते-महबूब,
मुझको गिला भी नहीं तेरी बेवफाई का""
राजू : -- मास्टर जी ! आप मास्टर है की डाक्टर??
यह तो वैद्य विवरणी अर्थात नुसख़ा अर्थात प्रेस-क्रेप्सन
जैसा प्रतीत होता है
"राजू ! मैं न कई डाक्टरों से घिरा हूँ, डाक्टर के घर में रहता हूँ,
मेरी दूकान में डाक्टर रहता है और भी बहुत प्रकार के डाक्टर हैं
कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं किसी अस्पताल में भर्ती हूँ
उन डाक्टरों की पर्चियां ही देख-देख का तुमको सिखाता हूँ "
" तुम्हारी माता का क्या नाम है??"
राजू : -- मास्टर जी ! 'मृत्यु'
"तथा पिता का??"
राजू : -- आशाराम !! मास्टर जी ! दादा का भी नाम बताऊँ??
"नहीं उस यमराज का नाम पता है"
""एकमुश्त वफ़ा का मुश्ताक हूँ मेरी वफाते-महबूब,
मुझको गिला भी नहीं तेरी बेवफाई का""
राजू : -- मास्टर जी ! आप मास्टर है की डाक्टर??
यह तो वैद्य विवरणी अर्थात नुसख़ा अर्थात प्रेस-क्रेप्सन
जैसा प्रतीत होता है
"राजू ! मैं न कई डाक्टरों से घिरा हूँ, डाक्टर के घर में रहता हूँ,
मेरी दूकान में डाक्टर रहता है और भी बहुत प्रकार के डाक्टर हैं
कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं किसी अस्पताल में भर्ती हूँ
उन डाक्टरों की पर्चियां ही देख-देख का तुमको सिखाता हूँ "