रविवार, 1 जुलाई 2012

----- || PAPAA || -----

" पल्लव पल्लव पिप्पल पुल पुलिन पाताल..,
  पात-पात पातरी पोत-पोत पाल....."

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...