रविवार, 1 जुलाई 2012

----- MINISTER RAAJU -----

" राजू तुम्हे एक कविता याद करने को कहा था
  चलो सुनाओ..!!


राजू : -- मास्टर जी " बुंदेलों हरबोलों से हमने सुनी कहानी थी..,
                             खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी.."


" हो गया बाकी कल सुनाना ये बताओ तुम इतने उदास क्यों हो..??"


राजू : -- " मेरे दोस्त के कारण..!!"


" क्यूँ क्या हुवा..??

राजू : -- मास्टर जी " छमछम करती आई छमछम करती चली गई..,
                             'वो' सिन्दुर लिए खड़ा रहा 'वो0000' राखी बाँध के चली गई.."


" धत् तेरा सत्यानाश हो तू भी गधा तेरा दोस्त भी गधा....."

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