राजू : -- मास्टर जी हमारे संविधान में राष्ट्रपति की व्यवस्था है
हम राष्ट्रपिता को सम्मानित करते है किन्तु माता व
पत्नी का सम्मान क्यूँ नहीं करते..??
" राजू हमारे संविधान में स्त्रीवाचक शब्दों का प्रयोग वर्जित है.."
राजू : -- मास्टर जी हमारे वेद पुराणों में तो भारत को माता के रूप में
संबोधित करने की परम्परा है एवं कहा गया है: --
" यत्र नारीयस्त पूज्यन्ते तत्र रमन्ते देवता"
" राजू ! राजू !! राजू !!! ये आधुनिक संविधान है यहाँ 'संसद' में
अपनी माता तुल्य स्त्रियों को 'परकटी' जैसे बहुत सारे अपशब्दों
से सम्मानित व करतल ध्वनी से अभिवादन किया जाता है
ऐसे 'लोगों' को उच्च पद व उच्च आवास में निवास करने
हेतु पुरस्कृत किया जाता है.."
राजू : -- "किन्तु मास्टर जी ऐसे कृत्य तो दंडनीय होने चाहिए..??"
" राजू यदि ऐसा कृत्य दंडनीय होता तो स्वतंत्रता प्राप्ति के इतने
वर्षों पश्चात भी पुरुष अपनी माता स्वरूप कन्याओं से बलात्कार
जैसा जघन्य कृत्य क्यूँ करते....."
"
हम राष्ट्रपिता को सम्मानित करते है किन्तु माता व
पत्नी का सम्मान क्यूँ नहीं करते..??
" राजू हमारे संविधान में स्त्रीवाचक शब्दों का प्रयोग वर्जित है.."
राजू : -- मास्टर जी हमारे वेद पुराणों में तो भारत को माता के रूप में
संबोधित करने की परम्परा है एवं कहा गया है: --
" यत्र नारीयस्त पूज्यन्ते तत्र रमन्ते देवता"
" राजू ! राजू !! राजू !!! ये आधुनिक संविधान है यहाँ 'संसद' में
अपनी माता तुल्य स्त्रियों को 'परकटी' जैसे बहुत सारे अपशब्दों
से सम्मानित व करतल ध्वनी से अभिवादन किया जाता है
ऐसे 'लोगों' को उच्च पद व उच्च आवास में निवास करने
हेतु पुरस्कृत किया जाता है.."
राजू : -- "किन्तु मास्टर जी ऐसे कृत्य तो दंडनीय होने चाहिए..??"
" राजू यदि ऐसा कृत्य दंडनीय होता तो स्वतंत्रता प्राप्ति के इतने
वर्षों पश्चात भी पुरुष अपनी माता स्वरूप कन्याओं से बलात्कार
जैसा जघन्य कृत्य क्यूँ करते....."
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