शनिवार, 14 जुलाई 2012

" बाँध-बाँध बनी बाँधनी बानि बंधे बान..,
  बूंद-बूंद बदी बदरिया बेध बेध बिधान....."

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...