राजू : - मास्टर जी ! मास्टर जी !! आपसे एक वचन कहना था..
एक वचन क्यों तुम बहु वचन कहो..
राजू : मास्टर जी, मुझे जानने वाले ये कहने लगे हैं..,
मुझमें मास्टर जी का भूत रहता है.....
तूम .....तूम.....बुद्धू,शनि, मंगल,शुक्र, अरुण, वरुण, राहू, केतु जो कोई भी हो
तत्काल बहिर्गमन करो..... अर्थात कक्षा से बाहर जाकर खड़े होव..,
राजू : मास्टर जी किन्तु बाहर जा कर में क्या बनूंगा..
भास बनो चमको, बांग दो, या मंडराओ कुछ भी करो..,
राजू : जी मास्टर जी !!.....: ( : (
एक वचन क्यों तुम बहु वचन कहो..
राजू : मास्टर जी, मुझे जानने वाले ये कहने लगे हैं..,
मुझमें मास्टर जी का भूत रहता है.....
तूम .....तूम.....बुद्धू,शनि, मंगल,शुक्र, अरुण, वरुण, राहू, केतु जो कोई भी हो
तत्काल बहिर्गमन करो..... अर्थात कक्षा से बाहर जाकर खड़े होव..,
राजू : मास्टर जी किन्तु बाहर जा कर में क्या बनूंगा..
भास बनो चमको, बांग दो, या मंडराओ कुछ भी करो..,
राजू : जी मास्टर जी !!.....: ( : (