शुक्रवार, 29 जून 2012

----- || LANCHAA KA LAACHAA || -----

" लोच लोच लचकन लंचा लचक लचक ललचाऐ..,
  लगन  लगन  लग  ललना  लहर  लहर लहराऐ....."

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...