शनिवार, 30 जून 2012

----- || CHORI CHORI || -----

" चित्र-चित्र चित्रित चरितार्थ चित-चित चितरनहार..,
  चत्तुरंगिणी चित्रक चित्रवत् चित्त-चित्त चित्हार.....

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...