" चित्र-चित्र चित्रित चरितार्थ चित-चित चितरनहार..,
चत्तुरंगिणी चित्रक चित्रवत् चित्त-चित्त चित्हार.....
चत्तुरंगिणी चित्रक चित्रवत् चित्त-चित्त चित्हार.....
सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१|| :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...
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