मंगलवार, 19 जून 2012

----- MINISTER RAAJU 2 -----

" राजू साली किसे कहते है..??"


 राजू :-- "मास्टर जी साले की बहन को.."


            " अच्छा, क्यूँ कहते है..??"


राजू :-- " मास्टर जी क्यूँ की यदि साली आगे पीछे घुमे 
             तो मस्त लगता है.."


             " तू भी एक अवशेष ही है.."

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...